Rewari News- मुर्गी फार्म में 18 लाख का नुकसान, अब 13 एकड़ में खेती कर कमा रहे प्रति सीजन डेड लाख रुपये

Rewari News चंडीगढ़ । गांव डहीना निवासी किसान जितेन्द्र 13 एकड़ में साग-सब्जी की खेती कर हर सीजन प्रति एकड़ डेड लाख रुपये कमा रहे हैं। इसके साथ ही धीरे-धीरे ऑर्गेनिक खेती की ओर भी हाथ आजमा रहे हैं। उनका मानना है कि साधारण खेती की अपेक्षा जैविक खेती ज्यादा लाभदायक होती है। इसलिए भविष्य में वह भी ऑर्गेनिक खेती ही करेंगे।

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उन्‍होंने बताया कि वह गेहूं, सरसों व सब्जियों की खेती मिश्रित करते हैं। जिसमें चार एकड़ में सरसों, डेड एकड़ में गाजर, आदा एकड़ में प्याज, आदा एकड़ में सकरकंद व गेहूं, टिंडा, भिंडी जैसी अन्य कई प्रकार की फसलें शामिल है। उन्होंने बताया कि उनकी बचपन से हो खेती किसानी में रुचि है। वह किसान परिवार से हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा भी खेती ही करते थे। जब वह छोटे थे तो उन्‍हें पिता व पड़ौसियों ने सरकारी नौकरी की सलाह दी। लेकिन उनकी रूचि खेती करने में है, इसलिए ज्यादा दिन तक नौकरी नहीं कर सके।

– प्रति एकड़ होता है 30-35 हजार का खर्चा

सीजन में प्रति एकड़ 25 से 30 हजार का खर्च आता है। इसमें खाद व लेबर खर्च भी शामिल है। इसके अलावा मार्केट के लिए पैकेजिंग, वाहन खर्च सभी को मिलाकर करीब 35-40 हजार का कुल खर्च आ जाता है। इनकम सीजन पर निर्भर है। कई बार पाला पड़ने व मौसम खराब होने की वजह से फसल भी प्रभावित हो जाती है, जिसके कारण नुकसान भी उठाना पड़ता है। वहीं अगर सब कुछ सही रहता है तो अच्छी कमाई हो जाती है। उन्होंने बताया कि वो मिश्रित खेती करते हैं। एक फसल में नुकसान हो तो दूसरी फसल से आय बनी रहे। ताकि आर्थिक संकट पैदा न हो।

– मुर्गी फार्म में हुआ 18 लाख का नुकसान

उन्होंने बताया कि वह बीएसएफ में 1993 से 1999 तक कॉन्सटेबल पद पर रहे। उसके बाद मुर्गी फार्म खोला, जिसमें अच्छी कमाई की। फार्म के साथ-साथ खेती करना जारी रखा। लेकिन लॉकडाउन के समय उन्हें 18 लाख रुपये का नुकसान हो गया। जिसकी वजह से उन पर आर्थिक संकट सवार हो गया। इसके बाद उन्होंने फिर 2021 में नियमित खेती करना शुरू किया। अब वह डेड लाख से दो लाख प्रति सीजन की कमाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी काम हो, अगर आप मन लगाकर करेंगे तो वहां से भी अच्छी इनकम जुटा सकते हैं।

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