Rewari News: बच्चों को घर में घुसकर पढ़ाएगी हरियाणा सरकार!

रेवाड़ी। जिले के शिक्षा से वंचित ड्रॉप आउट बच्चों को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सर्वे समग्र शिक्षा के अंतर्गत 9 महीने की ट्रेनिंग देकर स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा।

School student

सहायक परियोजना संयोजक अजय यादव ने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शत-प्रतिशत नामांकन हासिल करने का यह प्रयास होगा। इसमें सभी वर्गों के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गलियों में घूमने वाले बच्चे, भिखारी, अनाथ, घर विहीन बच्चे, विस्थापित बच्चे, घूमंतु, प्रवासी मजदूरों के बच्चे व अन्य बच्चे जो किसी कारण से स्कूलों से बाहर हैं, इस परियोजन के अंतर्गत ​शामिल होंगे। वहीं ऐसे बच्चों के लिए ट्रेनिंग सेंटरों में भोजन, आवश्यक पाठ्य सामग्री, यूनिफार्म, स्कूल बैग, मास्क की सुविधा दी जाएगी। अगर विद्यार्थी का घर सेंटर से दूर है तो उसे 500 रूपये किराया भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

– स्कूल प्राचार्य की टीम करेगी सर्वे

स्कूल लेवल पर सर्वे करने के लिए स्कूल प्राचार्य के नेतृत्व में शिक्षक, एसएमसी मैंबर, पंचायत सदस्य, आंगनबाड़ी वर्कर, नंबरदार व स्वयं सेवक टीम के सदस्य भी सम्मलित होंगे। स्कूल क्षेत्र के अधीन स्थानों पर यह टीम जाएगी जो ऐसे सभी ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान कर लिस्ट में उनका नाम दर्ज करेगी। इसमें 7 साल के बच्चे ड्रॉप आउट हैं तो उसे तुरंत स्कूल में दाखिला दिया जाएगा। वहीं अगर इससे ज्यादा साल के बच्चे ड्रॉप आउट हैं तो उनकी एक लिस्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद स्कूल प्राचार्य को सर्वे की रिपोर्ट के साथ एक लिखित प्रमाण पत्र भी देना होगा जिसमें उनके द्वारा किए गए सर्वे के अलावा अन्य कोई बच्चा नहीं होने की जिक्र होगा।

– 9 माह तक चलेगी बच्चों की ट्रेनिंग

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की सहयोगी संस्था हुमाना द्वारा ब्रिज कोर्स करवाने के लिए शेड्यूल उपलब्ध कराया जाता है। इस कोर्स के माध्यम से शिक्षा की मुख्य धारा में ऐसे बच्चों को जोड़ने का काम किया जाता है। इस शेड्यूल में 10 स्टेप होते हैं तथा कदम की 5 किताबें मिलती हैं। प्रत्येक कदम किताबों में 2 स्टेप होते हैं। बच्चे की उम्र के हिसाब से उसे ट्रेनिंग दी जाती है। 9 महीने तक ट्रेनिंग चलती है।

– चार चरणों में की जाएगी सर्वे की रिपोर्ट तैयार

1. स्कूल लेवल चार दिन तक चलेगा। इसमें स्कूल प्राचार्य अपने स्कूल क्षेत्र का सर्वे कराएगा। यह रिपोर्ट कलस्टर हैड को दी जाएगी।

2. कलस्टर लेवल दो दिन तक चलेगा। इसमें कलस्टर हैड इस सर्वे रिपोर्ट को कम्पाइल करके बीईओ अथवा बीआरसी को सौंपेगा।

3. ब्लाक लेवल पर यह एक दिन चलेगा। इस दिन बीईओ, बीआरसी कलस्टर हैड से प्राप्त रिकार्ड को कम्प्यूटरराइज बनाकर हार्ड कापी व शॉफ्ट कापी डीपीसी को सौंपेंगे।

4. जिला लेवल का यह काम दो दिन का होगा। इन दो दिनों में जिलास्तर पर डीपीसी सभी ब्लाक लेवल से प्राप्त लिस्ट एकत्रित करके मुख्यालय भेजेंगे। इस सर्वे की रिपोर्ट 20 जनवरी से पहले भेजने की विभाग की संभावना रहेगी।

वर्जनः

जिले के जो बच्चे किसी कारण से पढ़ाई करने से वंचित रह गए थे। शिक्षा विभाग की टीम सर्वे कर उन सभी बच्चों की पहचान करेगी और उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। सभी सरकारी स्कूल अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे करेंगे। यह सर्वे स्कूल प्राचार्य के ​नेतृत्व में किया जाएगा। 16 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट विभाग को देनी होगी।

अजय यादव, सहायक परियोजन संयोजक रेवाड़ी।

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